आप नेताओं ने कांग्रेस मंत्री आशु के आवास का किया घेराव


चंडीगढ़, 20 अप्रैल

कैप्टन सरकार पर किसानों की समस्याओं को न सुनने और मंडियों में बारदाना की पहले से कोई व्यवस्था नहीं करने पर आम आदमी पार्टी के विधायक और किसान विंग के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और पार्टी के किसान विंग के नेताओं ने मंगलवार को पंजाब सरकार के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री भारत भूषण आशु के आवास पर का घेराव किया और धरना दिया । इस मौके पर संधवा के साथ गुरभेज बराड़(राज्य संयुक्त सचिव, किसान विंग), महिंदर सिद्धू, चेतन सिंह जोरमाजरा सहित अन्य आप नेता मौजूद थे।

आप नेताओं को मंत्री भारत भूषण आशु के सरकारी आवास के बाहर पुलिस ने रोक दिया। नेताओं ने नारे लगाए और मंडियों में किसानों की समस्याओं का तुरंत समाधान करने की मांग की। आप नेता मंत्री के निवास के बाहर धरने पर भी बैठे। फिर बाद में मंत्री द्वारा इस मुद्दे को हल करने का आश्वासन दिया गया। इस अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके मंत्री भारत भूषण आशु राज्य की मंडियों में गेहूं की खरीद और बारदाने के पुख्ता इंतजाम करने में फेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार की लचर व्यवस्थाओं और बारदाने की कमी के कारण किसान परेशान हैं।

कैप्टन अमरिंदर सिंह और मंत्री आशु पर निशाना साधते हुए, संधवां ने कहा कि कैप्टन और उनके मंत्री अपने बॉस पीएम मोदी को खुश करने जानबूझकर किसानों को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बारदाने की कमी और राज्य सरकार की लापरवाही के कारण मंडियों में बारिश से पंजाब का लाखों टन गेहूं नष्ट हो गया। कैप्टन अमरिंदर की विफलता और मोदी के साथ मिलीभगत के कारण पंजाब के किसान परेशानी में हैं। मंत्री भारत भूषण आशु से सवाल करते हुए उन्होंने कहा कि खरीद अवधि से तीन महीने पहले बारदाना की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।

संधवां ने कहा कि हर साल खरीद सीजन के दौरान बारदाना की  समस्या उत्पन्न होती है, लेकिन सरकार ने अभी भी कोई व्यवस्था नहीं की है। मंडियों में किसानों की फसल बर्बाद हो रही है जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। पंजाब में किसान अपनी फसल बेचने के लिए कई दिनों से मंडियों में संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार सोई हुई है। आप नेता ने कहा कि किसान पिछले हफ़्ते से मंडियों में बैठे है और पंजाब सरकार इस मामले को आज कल करके टाल रही है।  इसके अलावा मंडियों में भ्रष्टाचार के कारण भी किसान परेशान हैं। उन्होंने मंत्री से पूछा कि क्या आपकी सरकार मंडियों में बारदाना की पर्याप्त व्यवस्था करने में सक्षम नहीं है? क्या राज्य के लोगों ने परेशान करने के लिए आपको वोट दिया है?

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के किसान पहले से ही तीनों काले खेती कानूनों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं और गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में किसानों के प्रति सरकार ने जो रवैया अपनाया वह बेहद निंदनीय है। आप नेताओं ने सरकार से मांग की कि इस संबंध में तुरंत कार्रवाई की जाए। संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जाएं ताकि किसानों को मंडियों में संघर्ष न करना पड़े और उनका गेहूं व्यवस्थित तरीके से खरीदा जा सके।

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